Wednesday, 12 September 2018

या कुंदेंदु तुषार हार धवला, या शुभ्र वस्त्रा वृता | या वीणा वरदण्ड मंडित करा, या श्वेत पद्मासना || या ब्रह्मा अच्युत शंकर प्रभृतिभि: देवै: सदा वन्दिता | सा माम् पातु सरस्वति भगवति निःशेष जाड्यापहा ||

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